Friday, July 2, 2021

SERET TIPS TO SCORE MAXIMUM IN EXAM

IMPORTANT TIPS FOR STUDENTS TO PREPARE EAXAM AND SCORE MAXIMUM


 

Celebration on Matribhasha Diwas ( Mother Language Day) 21.02.21

                                                           कविता लेखन 

 

कक्षा IX

                                                                                                              कक्षा VIII

 शिवेश यादव कक्षा V

 कक्षा VII






MCQ English Class VI To XII

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A LIFE LESSON STORY


BUDDHA AND THE ANGRY MAN..... A LIFE LESSON STORY


 

डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जीवनी हिन्दी मे

 


भारत के राष्ट्रपति के सूचि में पहला नाम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का आता है। जो भारतीय संविधान के आर्किटेक्ट और आज़ाद भारत के पहले राष्ट्रपति भी थे। आजादी के करीब 3 साल बाद 1950 में हमारे देश में संविधान लागू होने के बाद उन्हें देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के पद पर सुशोभित किया गया था।

राजेन्द्र प्रसाद जी एक ईमानदार, निष्ठावान एवं उच्च विचारों वाले महान शख्सियत थे, उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में सर्मपित कर दिया था।.......आगे 👇

डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जीवनी

Quiz On Swami Vivekanand

 


National Youth Day 12, January 2021

 National Youth Day 12, January 2021

 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस है। प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। विश्व भर में सर्वाधिक प्रसिद्ध दार्शनिकों एवं माँक में से एक स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1984 में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाये जाने की घोषणा यह कहते हुए की गयी थी कि स्वामी विवेकानंद के विचारों एवं आदर्शों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसके बाद वर्ष 1985 से हर वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर मनाया जाता है।

स्वामी विवेकानंद के विचार -:





उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो। तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो। तुम तत्व नहीं हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो।

••• मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे धर्म से हूं, जिसने दुनिया को सहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया है। हम सिर्फ सार्वभौमिक सहनशीलता में ही विश्वास नहीं रखते, बल्कि हम विश्व के सभी धर्मों को सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं।

यदि परिस्थितियों पर आपकी मजबूत पकड़ है तो जहर उगलने वाला भी आपका कुछ नही बिगाड़ सकता।

यह मत भूलो कि बुरे विचार और बुरे कार्य तुम्हें पतन की और ले जाते हैं । इसी तरह अच्छे कर्म व अच्छे विचार लाखों देवदूतों की तरह अनंतकाल तक तुम्हारी रक्षा के लिए तत्पर हैं ।

••• संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है, असंभव से भी आगे निकल जाना।

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिये कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं, विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं।

••• हम भगवान को खोजने कहां जा सकते हैं अगर उनको अपने दिल और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते।

हमे ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके।

••• तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नही है। आपकी अपनी आत्मा के अलावा कोई दूसरा आध्यात्मिक गुरु नहीं है।

••• अनुभव ही आपका सर्वोत्तम शिक्षक है। जब तक जीवन है सीखते रहो।

••• शिक्षा का अर्थ है उस पूर्णता को व्यक्त करना जो सब मनुष्यों में पहले से विद्यमान है।

आप अपने को जैसा सोचेंगे, आप वैसे ही बन जाएंगे। यदि आप स्वयं को कमजोर मानते हैं तो आप कमजोर ही होंगे। और यदि आप स्वयं को मजबूत सोचते हैं तो आप मजबूत हो जाएंगे।

••• केवल उन्हीं का जीवन, जीवन है जो दूसरों के लिए जीते हैं। अन्य सब तो जीवित होने से अधिक मृत हैं।

••• आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता – यह बंधन की त्रिमूर्तियां हैं।

उठो, जागो और जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये तब तक मत रुको।

••• एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

••• ज्ञान का प्रकाश सभी अंधेरों को खत्म कर देता है।

••• दिन में कम से कम एक बार खुद से जरूर बात करें अन्यथा आप एक उत्कृष्ट व्यक्ति के साथ एक बैठक गँवा देंगे।

••• जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप ईश्वर पर विश्वास नहीं कर सकते।

••• पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता। एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान। ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है।

••• जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिये, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है।

••• ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है।

••• जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।



Autobiography of Dr. APJ Abdul Kalam By Gulzar

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Autobiography By Dr APJ Abdul Kalam